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Monday, August 27, 2018

तेरा इश्क़ है.......

तेरा इश्क़ है। .......
बेसूद खोया मीरा की भक्ति सा,
तेरा इश्क़ है...
फूल से खिंचता उस भँवरे सा,
तेरा इश्क़ है....
मंदिर की पूजा और मस्जिद की अजान सा,
तेरा इश्क़ है.......
हुस्न से लिप्टा एक प्यारा सा लहजा,
तेरा इश्क़ है.....
पानी से घिरा कोई अोंस भरी रात सा,
तेरा इश्क़ है.......
मोहब्बत के पानी में धुलता उस पेड़ सा,
तेरा इश्क़ है.......
मुश्ताक़ किसी  चाह का तुझे पाना,
तेरा इश्क़ है.......
तुझे चाहना और चाहना,
तेरा इश्क़ है......
तेरा इश्क़ है.......
तेरा इश्क़ है.......

Friday, April 13, 2018

ख़यालात........

"मेरे दिल में दफ़न जज़्बात,
तेरी ज़ुबान आगए,
तूने अभी छुवा भी नही,
मेरी रूह तेरे एहसास आगए,
अब आघोश में ले लिपटकर मुझे,
यूँ तेरे होने के ख़यालात आगए।"


"A love story, that begins with a dream and ends with a dream too..."

"I know her knavery & I know she is knave too,
I know she will come again & I know she will leave again too."

Tuesday, November 14, 2017

वो है कहीं ?


शामिल मुझमे वो यूँ,
घुला कोई रंग है;
पन्ना मेरी कहानी सा,
हरचंद वो संघ है!
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?

बेदर –बेदर
बिस्मिल-बिस्मिल

रहता है मुझमे कहीं,
शीप के मोती सा वो,
घुली मिठास मिश्री सी,
रंग कोई रोशनी का वो,
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?

वेह्शत –वेह्शत
जाहिल-जाहिल

बसता है वो मुझमे,
ख़ल्वत भरा शोर कोई,
खू जैसा है मेरा,
तर्क करता मुझमे कहीं,
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?
हसरत सा,वेह्शत सा,
ढूँढू कहाँ उसको मैं फिर?





हरचंद              every moment
बेदर                waken
बिस्मिल          wounded
वेह्शत             madness
जाहिल             bestial
ख़ल्वत            isolation
खू                   habit
तर्क                 relinquishment
हसरत             desire